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नशा छुड़ाने के बाद दोबारा नशा करने की इच्छा क्यों आती है?

नशा छोड़ना मुश्किल है, लेकिन नशा छोड़ने के बाद उससे दूर बने रहना उससे भी ज्यादा मुश्किल
ज़्यादातर लोग सोचते हैं कि नशा मुक्ति केंद्र से बाहर आने के बाद सब ठीक हो जाएगा, लेकिन असल लड़ाई तो बाहर आने के बाद शुरू होती है।

कई लोग महीनों तक sober रहते हैं, लेकिन अचानक relapse यानी दोबारा नशा करने की इच्छा बढ़ जाती है।
यह इच्छा क्यों होती है? इसका दिमाग़, भावनाओं और पुराने व्यवहार से क्या संबंध है?

इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे:

  • relapse क्या है?

  • नशा छोड़ने के बाद इच्छा क्यों आती है?

  • दिमाग़ कैसे ट्रिगर्स को पहचानता है?

  • भावनात्मक कारण

  • वातावरण और अकेलापन कैसे relapse करते हैं?

  • और इसे रोकने के सबसे प्रभावी तरीके


Relapse क्या होता है?

नशा छुड़ाने के बाद जब मरीज़ फिर से:

  • शराब

  • स्मैक

  • कोकीन

  • तंबाकू

  • गोलियाँ

  • या कोई भी नशा

करने लगे—इसे relapse कहते हैं।

Relapse के तीन चरण होते हैं:

  1. Emotional Relapse – मन में कमजोरी

  2. Mental Relapse – नशे के बारे में सोचना

  3. Physical Relapse – सच में नशा करना


नशा छोड़ने के बाद दोबारा नशा करने की इच्छा क्यों होती है? (Hidden Causes)


1. दिमाग़ का Dopamine System अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुआ होता

नशा करने पर दिमाग़ में Dopamine बहुत तेज़ी से बढ़ता है।
नशा छोड़ने पर:

  • dopamine गिर जाता है

  • दिमाग़ खालीपन महसूस करता है

  • मूड बार-बार खराब होता है

  • चीज़ों में मज़ा नहीं आता

यही वजह है कि दिमाग़ “पुरानी खुशी” को खोजने लगता है।


2. पुराने ट्रिगर (Old Triggers) वापस एक्टिव हो जाते हैं

ट्रिगर वे चीज़ें हैं जो नशे की याद दिलाती हैं:

  • वह जगह जहाँ नशा किया

  • वह दोस्त जिसके साथ पीते थे

  • रात का समय

  • मोबाइल की notification

  • तनाव वाली घटनाएँ

दिमाग़ इसे नशे से जोड़कर craving बढ़ाता है।


3. Emotional Pain – भावनात्मक पीड़ा

कई लोग नशा छोड़ने के बाद:

  • guilt

  • शर्म

  • दुख

  • अकेलापन

  • भावनात्मक दरार

महसूस करते हैं।
इन्हें संभालने की skill न होने से relapse हो जाता है।


4. Stress और दबाव बढ़ जाना

काम, परिवार, रिश्तों, पैसे या जिम्मेदारियों का दबाव relapse का सबसे बड़ा कारण है।

Stress = craving को तेज़ करता है।


5. गलत संगत (Wrong Friend Circle)

दोस्त अगर अभी भी:

  • शराब पीते हैं

  • स्मैक लेते हैं

  • पार्टी करते हैं

तो relapse almost guaranteed है।


6. Overconfidence – “अब मैं बिल्कुल ठीक हूँ” mentality

जब व्यक्ति 1–2 महीने तक नशा नहीं करता तो वह सोचता है:

  • “अब मैं संभाल सकता हूँ”

  • “थोड़ा सा लेने से क्या होगा?”

  • “मैं अब addict नहीं हूँ”

और फिर वही चक्र शुरू।


7. अकेलापन (Loneliness)

नशे से बाहर आने के बाद व्यक्ति अक्सर अकेला महसूस करता है:

  • पुराने दोस्त छोड़ देते हैं

  • परिवार का भरोसा नहीं रहता

  • नई जिंदगी मुश्किल लगती है

अकेलापन relapse को जन्म देता है।


8. नींद खराब होना

नींद न आने पर:

  • चिंता बढ़ती है

  • चिड़चिड़ापन बढ़ता है

  • self-control कम होता है

और craving पकड़ लेती है।


9. शरीर में दर्द और withdrawal की हल्की वापसी

कभी-कभी 2–3 हफ्ते बाद भी:

  • पैरों में दर्द

  • शरीर में बेचैनी

  • anxiety

  • हल्का depression

आ जाता है।
ये भी craving बढ़ाते हैं।


10. जीवन में लक्ष्य न होना

जब इंसान के पास:

  • routine नहीं

  • लक्ष्य नहीं

  • काम नहीं

तो दिमाग़ automatically पुराने मज़े खोजता है — यानी नशा।


Relapse एक Failure नहीं, Recovery का हिस्सा है

यह जानना ज़रूरी है:

  • 70% लोग किसी न किसी समय relapse करते हैं

  • relapse यह नहीं कहता कि इलाज बेकार है

  • relapse का मतलब है कि coping skills मजबूत करनी होंगी

नशा छोड़ना एक process है, event नहीं।


किसी भी Addiction में Relapse क्यों वापस आता है? (Science Behind Relapse)

दिमाग़ में एक part होता है जिसे कहते हैं:

“Reward Memory Circuit”
नशा इस सर्किट को बार-बार activate करता है।
भले आप नशा छोड़ दें, यह सर्किट दिमाग़ में मौजूद रहता है।

जब trigger मिलता है → circuit active → craving पैदा → relapse

इसलिए triggers avoid करना सबसे ज़रूरी है।


Relapse रोकने के सबसे शक्तिशाली तरीके

अब जानते हैं कि नशा छोड़ने के बाद दोबारा नशा करने की इच्छा कैसे रोकी जाए:


1. Trigger List बनाओ

कौन सी चीज़ें craving लाती हैं, उन्हें पहचानो:

  • गलत दोस्त

  • phone notifications

  • stress

  • रात का समय

  • अकेलापन

Trigger avoid करना 50% उपचार है।


2. Mindfulness & Deep Breathing

हर craving की life सिर्फ़ 8–10 मिनट होती है।
Breathing करने से craving खत्म हो जाती है।


3. Healthy Routine बनाओ

दिनचर्या जितनी मजबूत होगी, relapse उतना कम होगा।


4. Family Support बहुत जरूरी

परिवार को सिखाया जाए कि:

  • ताने न दें

  • भावनाएँ समझें

  • समर्थन दें

यह relapse रोकता है।


5. गलत संगत से दूरी

यह सबसे महत्वपूर्ण है।
90% relapse गलत दोस्त ही कराते हैं।


6. Counselling & Therapy जारी रखें

कई लोग सोचते हैं कि:

“अब मैं ठीक हूँ, counseling की जरूरत नहीं।”

यह सबसे बड़ी गलती है।


7. Journaling – रोज़ 10 मिनट लिखें

यह भावनाएँ बाहर निकालने का best तरीका है।


8. योग और ध्यान

दिमाग़ का stress 60% कम करता है।


9. Emergency Relapse Plan बनाएं

  • किसे कॉल करेंगे?

  • कौन साथ देगा?

  • कौन-सी activity ध्यान भटकाएगी?

यह plan हमेशा साथ रखें।


10. Busy और Productive रहें

खाली दिमाग़ relapse का घर होता है।


Relapse Prevention का Golden Rule

HALT Rule

  • H = Hungry

  • A = Angry

  • L = Lonely

  • T = Tired

अगर इन चार में से कुछ भी हो तो craving बढ़ती है।


अंतिम विचार

नशा छोड़ना जीवन की सबसे बड़ी जीत है,
लेकिन इस जीत को बनाए रखने के लिए:

  • सही सोच

  • सही आदतें

  • सही संगत

  • सही कौंसलिंग

  • और सही सपोर्ट सिस्टम

ज़रूरी है।

अगर relapse की इच्छा आती भी है, तो घबराएँ नहीं —
यह recovery का प्राकृतिक हिस्सा है।
सही तरीके अपनाकर हर craving जीती जा सकती है।

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